धनौल्टी: टिहरी जनपद के ऋषिकेश – गंगोत्री हाइवे एनएच 34 में चंबा के पास नगणी के समीप एक बस सड़क पर पलट गई है. हादसे में दो लोगों की बस के नीचे दबाने से मौके पर मौत हो गई. इस हादसे में करीब 13 लोग घायल हो गये है. दुर्घटना की सूचना पर पुलिस, प्रशासन, SDRF कोटी कॉलोनी, 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची. आनन फानन में रेसक्यू ऑपरेशन चलाया गया.
कुछ घायलों का मौके पर उपचार किया जा रहा है. बताया जा रहा है कि बस घनसाली से हरिद्वार जा रही थी. जिला प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार बस में करीब 20 यात्री सवार थे. दुर्घटना में 2 लोगों की मौत हुई है. मृतकों में दो पुरूष शामिल हैं. जिन्हे निजी वाहन से जिला अस्पताल बौराड़ी लाया गया. सभी घायलों को प्राथमिक उपचार देने के बाद खाड़ी/नरेंद्रनगर हॉस्पिटल ले जाया गया है.
घायलों के नाम और पते
- रीना देवी पत्नी दिनेश निवासी जाजल टिग
- प्रियाशी पुत्री दिनेश सजवाण, निवासी जाजल टिग।
- अमन रावत, पुत्र शिव सिंह रावत, निवासी बीजागां घनसाली
- आशा देवी, पत्नी राजेंद्र निवासी बीड़ कोट, टिहरी
- बचनी देवी, पत्नी इंद्र सिंह, चुपड़ीयाल. चंबा टिहरी
- संसार सिंह पंवार, पुत्र प्रेम सिंह, निवासी संकरी घूतू घनसाली
- लक्ष्मी देवी पत्नि, संसार सिंह
- समीर सिंह, पुत्र सुन्दर सिंह, निवासी मगरो कोटि घनसाली
- कुशल सिंह, पुत्र जॉन सिंह निवासी, सेलकोटि, प्रताप नगर
- कुसुम, पुत्री ख़ुशहाल सिंह
- बिजेंद्र प्रसाद, पुत्र गोपाल दत, निवासी पसली अंजलिसैंण
- रघुवीर सिंह, पुत्र मेहरबान सिंह, भाववाला देहरादून
- रीमिता राणा, पत्नी प्रीतम सिंह, चंबा फॉरेस्ट कॉलोनी
- धन बहादुर, पुत्र आई बहादुर, निवासी टीमली शेर नागनी
- राजी देवी, रेफर हायर सेंटर
- रीना देवी , निवासी जाजल रेफर
- सुनील नौटियाल, निवासी निवासी ग्राम चौराहा थाना जखोली, रुद्रप्रयाग, परिचालक
- सुमित विष्ठ, पुत्र जोहरी विष्ट, निवासी नेपाली मूल
- विनोद सिंह पुत्र अष्तरा सिंह, ग्राम पडाकली घनसाली
- गुलशन, पुत्र हनीफ निवासी आईपुर हरिद्वार
पहाड़ों पर आये दिन सड़क दुर्घटनाएं होती रहती हैं. इन दुर्घटनाओं के कई कारण हैं. पहाड़ों में अक्सर ओवर स्पीडिंग हादसों की एक बड़ी वजह है. सड़क में गड्ढों के कारण भी कई बार चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठते हैं. जिसके कारण सड़क हादसे हो जाते हैं. ओवरलोडिंग, गाड़ियों की मैकेनिक प्रॉबलम्स की वजह से भी सड़क दुर्घटनाएं होती हैं. कई बार नशे में गाड़ी चलाने के कारण भी पहाड़ों में हादसे होते हैं. इसके अलावा तीव्र मोड़ भी इसका कारण हैं. कई बार तीव्र मोड़ पर चालक गाड़ी को नियंत्रित नहीं कर पाते हैं. जिसके कारण वाहन दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं.
पहाड़ों में इस तरह के हादसों के बचने के लिए समय समय पर जागरुकता अभियान चलाया जाता है. पुलिस की चेकिंग तेज की जाती है. ड्राइवरों को इसे लेकर जानकारियां दी जाती है. सड़क सुरक्षा सप्ताह मनाया जाता है. सड़कों की स्थिति को सुधारने की कोशिशें की जाती हैं. इसके बाद भी आये दिन पहाड़ों पर सड़क हादसे हो रहे हैं.
