देहरादून : उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ से मुलाकात कर उधम सिंह नगर के पैगा निवासी सुखवंत सिंह की आत्महत्या के संबंध में चर्चा की। पीड़ित ने कथित तौर पर 10 जनवरी की रात हल्द्वानी के काठगोदाम स्थित एक होटल के कमरे में खुद को गोली मार ली थी । प्रतिनिधिमंडल ने डीजीपी के समक्ष तीन मांगें रखते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत किया।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि उधम सिंह नगर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए और उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। पार्टी ने किसान आत्महत्या मामले में सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और जांच सीबीआई को सौंपने की भी मांग की। पीड़ित सुखवंत सिंह ने अपनी मृत्यु से पहले एक वीडियो अपलोड किया था जिसमें उन्होंने कई प्रॉपर्टी डीलरों और पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। पुलिस मुख्यालय ने मामले की गहन जांच के निर्देश दिए हैं।
पुलिस महानिरीक्षक (एसटीएफ) नीलेश आनंद भरने की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। इस दल में एसपी चंपावत अजय गणपति, सर्कल ऑफिसर तनकपुर वंदना वर्मा, इंस्पेक्टर दीवान सिंह बिष्ट (चंपावत) और सब-इंस्पेक्टर मनीष खत्री (चंपावत) शामिल हैं। निष्पक्ष और पारदर्शी जांच के हित में, पुलिस ने तीन सब-इंस्पेक्टरों, एक अतिरिक्त सब-इंस्पेक्टर, एक हेड कांस्टेबल और सात कांस्टेबलों सहित 12 कर्मियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है और उनका तबादला गढ़वाल रेंज के अंतर्गत चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में कर दिया है।
अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो और मृतक द्वारा ईमेल के माध्यम से भेजी गई शिकायत की विस्तृत जांच के निर्देश दिए हैं, जिसमें स्थानीय व्यक्तियों और उधम सिंह नगर पुलिस के कर्मियों के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। पुलिस मुख्यालय ने बताया कि सत्यापित तथ्यों के आधार पर कानून के अनुसार उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने काशीपुर के किसान सुखवंत सिंह के परिवार को न्याय का आश्वासन देते हुए कहा है कि “किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी”।
