देहरादून : राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमित सिंह ने बाजपुर में रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल के रजत जयंती कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कहा कि आज रिवरडेल इंटरनेशनल स्कूल की 25 वर्ष की इस गौरवशाली यात्रा का साक्षी बनना मेरे लिए अत्यंत सम्मान और गौरव का क्षण है। रिवरडेल का यह सफर समर्पण, उत्कृष्टता, अनुशासन और दूरदर्शिता के उज्ज्वल अध्यायों से भरा एक प्रेरक इतिहास है। यह उत्सव हमें यह अवसर देता है कि हम जहाँ खड़े हैं उसका मूल्यांकन करें, जहाँ पहुँचे हैं उस पर गर्व करें और भविष्य के लिए नए संकल्प लें।
राज्यपाल ने कहा कि ये नन्हे-मुन्ने बच्चे नर्सरी के बच्चों की मासूम प्रस्तुति, एलकेजी के किड्स की रैटल ड्रिल, यूकेजी के छात्रों का पोम शो, उनकी तितलियों-सा उड़ता बटरफ्लाई डांस, हॉकी ड्रिल, फ्लावर ड्रिल और जिमनास्टिक – ये सब इस विद्यालय की आत्मा और संस्कृति की झलक है। उन्होंने कहा कि ये नन्हें बच्चे कल के भारत का भविष्य है, इसीलिए इनको सही मार्गदर्शन देना अति आवश्यक है।
राज्यपाल ने कहा कि जनपद उधम सिंह नगर का नाम हम सभी के मन में अदम्य साहस, बलिदान और मातृभूमि-प्रेम का संदेश देता है। जिस जनपद का नाम ऐसे वीर के नाम पर रखा गया हो, वहाँ का हर बच्चा स्वाभाविक रूप से राष्ट्र प्रेम और कर्तव्यनिष्ठा में अग्रणी ही होगा। विद्यालय का आदर्श वाक्य-उत्कृष्टता की खोज में सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि हर विद्यार्थी के आचरण में दिखाई देने वाला दर्शन है। राज्यपाल ने विद्यार्थियों व शिक्षकों को संदेश दिया कि सपने वही देखें जो पूरे भारत को आगे बढ़ाए। हर कदम पर यही सोचें ‘‘मैं ऐसा क्या कर सकता हूँ,’’ जिससे मेरा राज्य, मेरा समाज और मेरा राष्ट्र आगे बढ़े। आप सभी में वह ऊर्जा, वह क्षमता और वह संभावनाएँ हैं, जो भारत को नए क्षितिज तक ले जा सकती हैं और विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत एवं विश्व गुरु भारत का स्वप्न साकार कर सकती हैं।
