उत्तरकाशी: जिले में लगातार बारिश के कारण आम लोगों की समस्य दिन प्रति दिन बढ़ती जा रही है. स्यानाचट्टी में एक बार दोबारा झील बन गई, तो वहीं देर शाम को धराली के बाद हर्षिल में तेलगाड़ नदी फिर उफान पर आई. दोनों जगहों पर आम लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया. धराली में देर शाम को तेलगाड़ नदी उफान पर आने से हर्षिल बाजार और गांव को खाली करवाया गया. वहीं फिर भागीरथी नदी के प्रवाह रुकने और झील का जलस्तर बढ़ने का खतरा बन गया है.
यमुना नदी के मुहाने पर कुपड़ा क्षेत्र से आने वाले गढ़गाड़ गदेरे से मलबा और बोल्डर फिर से आया. इस कारण यमुना नदी का जल प्रवाह बाधित हो गया. दोबारा झील का पानी बढ़ने लगा. हालांकि, यमुना नदी के एक छोर से पानी की निकासी हो रही है. बावजूद इसके अभी भी यहां खतरा कम नहीं हुआ है. नदी का बहाव यमुनोत्री हाईवे पर बने पुल से सिर्फ कुछ ही फीट नीचे है. लेकिन नदी के किनारे बने कुछ होटलों के निचले तल में अभी भी पानी भरा हुआ है.
स्यानाचट्टी निवासी जयपाल सिंह रावत, भगत सिंह राणा ने बताया है कि अभी भी गदेरे से मलबा और बोल्डर आने से यमुना का जल प्रवाह बाधित हो रहा है. उन्होंने कहा कि अभी खतरा पूरी तरह से टला नहीं है, क्योंकि कुपड़ा खड्ड लगातार डर पैदा कर रहा है. यहां पहले इस गदेरे को चैनलाइज किया जाए और यमुना नदी को भी चैनलाइज किया जाना चाहिए, ताकि बार-बार झील बनने की समस्या कम हो सके.
सिंचाई विभाग के ईई पन्नी लाल ने कहा कि पोकलैंड मशीन द्वारा कुपड़ा खड्ड के मुहाने पर एकत्रित मलबा हटाने के लिए रास्ता बनाया जा रहा है. बीच में बड़ा बोल्डर आने की वजह से थोड़ा समय लग रहा है. उन्होंने कहा कि वह डेढ़ माह से तीन पोकलैंड मशीनों को लगाकर चैनलाइजेशन कार्य कर रहे हैं, लेकिन मौसम के बीच बीच में बाधक बनने से दिक्कत हो रही है.
