देहरादून : राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में ड्रग फ्री अभियान को मजबूत करने से लेकर वन विभाग के दैनिक श्रमिकों को राहत देने और ईएसआई चिकित्सा ढांचे के विस्तार तक कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने नशे के खिलाफ मुहिम को तेज करने के लिए एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स के लिए अलग ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अब तक इस फोर्स में पुलिस से प्रतिनियुक्ति पर कार्मिक तैनात किए जाते थे। पहली बार राज्य मुख्यालय में 22 पद सृजित किए जाएंगे। इनमें एक पुलिस उपाधीक्षक, दो ड्रग निरीक्षक, एक निरीक्षक, दो उपनिरीक्षक, चार मुख्य आरक्षी, आठ आरक्षी और दो चालक शामिल हैं।
मंत्रिमंडल ने वन विभाग और वन विकास निगम में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को न्यूनतम वेतनमान देने का निर्णय लिया है। 589 कर्मचारियों को न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन मिलेगा। विभाग में कुल 893 श्रमिक हैं, जिनमें से 304 पहले से ही इस लाभ का प्राप्त कर रहे हैं।
कर्मचारी state बीमा योजना के तहत चिकित्सा सेवा संवर्ग के लिए नई नियमावली 2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत कुल 94 पद होंगे—76 चिकित्सा अधिकारी, 11 सहायक निदेशक, छह संयुक्त निदेशक और एक अपर निदेशक। पहले इस ढांचे में केवल एक सीएमओ और 13 चिकित्सा अधिकारी थे।
कैबिनेट ने मुख्यमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना की अवधि वित्तीय वर्ष 2025-26, यानी 31 मार्च 2026 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। भविष्य में यदि केंद्र सरकार इस योजना की अवधि बढ़ाती है तो राज्य में भी इसे स्वतः विस्तारित माना जाएगा।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप ‘आदतन अपराधी’ शब्द की परिभाषा को कानून के अनुरूप करने के लिए उत्तराखंड कारागार और सुधारात्मक सेवाएं (संशोधन) अधिनियम, 2026 के प्रारूप को मंजूरी दी गई है। संशोधन विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में पेश किया जाएगा।
कोविड काल में उद्योगों को राहत देने के लिए लाए गए बोनस संदाय (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक, 2020 को यथास्थिति विधानसभा से वापस लेने का निर्णय लिया गया है। केंद्र सरकार द्वारा इस पर असहमति और वर्तमान परिस्थितियों में इसकी आवश्यकता न होने के चलते यह फैसला लिया गया।
