अल्मोड़ा : जनपद के जागेश्वर क्षेत्र अंतर्गत कोटूली गांव में विद्युत विभाग की गंभीर लापरवाही के चलते विभाग में कार्यरत लाइनमैन की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान पूरन सिंह (45 वर्ष) निवासी ग्राम काना के रूप में हुई है, जो विद्युत विभाग में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरन सिंह ने बीते दिन शाम तक जागेश्वर क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति को सुचारु किया था। कार्य समाप्ति के बाद वे घर लौट रहे थे, तभी कोटूली गांव में विद्युत लाइन में आग लगने की सूचना मिली। समस्या को ठीक करने के लिए उन्हें दोबारा मौके पर बुलाया गया।
बताया जा रहा है कि लाइन पर कार्य करने से पहले पूरन सिंह को विधिवत शटडाउन दिया गया था। इसी दौरान तोली पावर हाउस से किसी अन्य कर्मचारी द्वारा बिना पुष्टि किए शटडाउन वापस ले लिया गया। शटडाउन हटते ही हाईटेंशन लाइन में अचानक विद्युत प्रवाह शुरू हो गया, जिससे पूरन सिंह करंट की चपेट में आ गए और तारों से चिपक गए।
घटना के समय मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उनकी मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। ग्रामीणों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शटडाउन देने और वापस लेने की प्रक्रिया में घोर लापरवाही बरती गई, जिसकी कीमत एक कर्मचारी को अपनी जान देकर चुकानी पड़ी।
वहीं, विद्युत विभाग के अधिशासी अधिकारी ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। एक वरिष्ठ इलेक्ट्रिकल इंजीनियर को जांच सौंपी गई है और जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि मृतक के परिजनों को विभाग की ओर से लगभग चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह हादसा विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली, आंतरिक समन्वय और सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
