देहरादून: उत्तराखंड ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों के साथ राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) की प्रगति और आगामी राष्ट्रीय कार्यक्रमों की तैयारियों की समीक्षा की. बैठक में विभागीय मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को योजनाओं को जमीनी स्तर पर और प्रभावी ढंग से लागू करने व राज्य की सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए.
अधिकारियों ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में मुख्य सचिवों का 5वां राष्ट्रीय सम्मेलन दिसंबर 2025 के प्रथम सप्ताह में ICAR पूसा नई दिल्ली में आयोजित होने जा रहा है. इस सम्मेलन में Thematic Meals की अवधारणा के तहत विभिन्न विषयों पर राज्य-केन्द्रित सत्र आयोजित किए जाएंगे. भारत सरकार के कई नोडल मंत्रालयों व विभागों के साथ संरचित चर्चा बैठकें होंगी.
सम्मेलन का उद्देश्य राज्यों की उत्कृष्ट पहलों को साझा करना और ग्रामीण विकास की दिशा में सामूहिक रणनीति बनाना है. उत्तराखंड को इस सम्मेलन में विशेष दायित्व प्रदान किया गया है. राज्य के मुख्य सचिव आनंद वर्द्धन को लखपति दीदी 3.0 ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने हेतु वैल्यू चेन विकास ”थीमैटिक मील का Convenor नियुक्त किया गया है. यह उत्तराखंड के ग्रामीण विकास मॉडल विशेषकर महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) के माध्यम से आजीविका वृद्धि में हुई प्रगति का राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान है.
- ग्रामीण महिलाओं की वार्षिक आय में उल्लेखनीय वृद्धि हेतु वैल्यू चेन को मजबूत बनाना.
- महिला स्वयं सहायता समूहों की सामुदायिक संस्थाओं को एंटरप्राइज विकास की दिशा में प्रोत्साहित करना. उत्पादन, प्रसंस्करण, पैकेजिंग और विपणन को जोड़कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाना.
- ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना.
- आजीविका मिशन के सफल मॉडलों को देशभर में साझा करना आदि.
ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सम्मेलन में उत्तराखंड की भागीदारी प्रभावी, नवाचारपूर्ण और परिणाममुखी हो. उन्होंने कहा कि महिलाओं के आय-सृजन कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ाते हुए राज्य की उपलब्धियों को इस मंच पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाए.
उन्होंने यह भी कहा कि लखपति दीदी मॉडल उत्तराखंड की प्रेरणादायक सफलता कहानी है, जिसे और सुदृढ़ कर अधिक से अधिक ग्रामीण महिलाओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है. अभी तक प्रदेश में 1.65 लाख से अधिक लखपति दीदी बन चुकी है. मंत्री जोशी ने अधिकारियों को सभी तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूरा करने और केंद्र सरकार के साथ सतत समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए.
