देहरादून : गोर्खाली सुधार सभा ने अपना 88वां स्थापना दिवस बड़े हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में मनाया। मानेकशॉ सभागार में आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत अध्यक्ष पदम सिंह थापा द्वारा हवन-पूजन के साथ की गई, जिसमें सभी के सुख, शांति और कल्याण की कामना की गई।
समारोह का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक सविता कपूर, केंद्रीय अध्यक्ष पदम सिंह थापा, विशिष्ट अतिथि लेफ्टिनेंट जनरल शक्ति गुरूंग, लेफ्टिनेंट जनरल राम सिंह प्रधान, वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन क्षेत्री और उपाध्यक्ष पूजा सुब्बा चंद द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। अध्यक्ष पदम सिंह थापा ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।
महामंत्री गोपाल क्षेत्री ने संस्था के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि गोर्खाली सुधार सभा की स्थापना 17 अप्रैल 1938 को हुई थी और यह देश में समुदाय की सबसे पुरानी संस्थाओं में से एक है। उन्होंने बताया कि संस्था शिक्षा, सामाजिक सहयोग और जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रही है। इसके तहत मेधावी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति, जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता, गरीब कन्याओं के विवाह में सहयोग, निःशुल्क कंप्यूटर एवं सिलाई-कढ़ाई प्रशिक्षण, सेना भर्ती की तैयारी, नशा मुक्ति अभियान, रक्तदान व स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छता अभियान और पर्यावरण संरक्षण जैसे अनेक कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी दर्शकों का मन मोह लिया। कौसेली सांगितिक ग्रुप ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए, जबकि नित्या ग्रुप प्रेमनगर ने कृष्ण लीला का मंचन किया। नेहरू ग्राम शाखा और प्रयास जागरूकता मंच द्वारा पर्यावरण संरक्षण और नशा मुक्ति पर लघु नाटिकाएं प्रस्तुत की गईं। गुरांस सांस्कृतिक कला केंद्र ने पारंपरिक ‘लाखे’ लोकनृत्य से कार्यक्रम में सांस्कृतिक रंग भरा।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों द्वारा स्थापना दिवस स्मारिका-2026 का विमोचन किया गया। साथ ही वीर सैनिकों, वीर नारियों, मेधावी छात्र-छात्राओं, समाजसेवियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक सचिव कैप्टन वाईबी थापा, प्रभा शाह एवं महामंत्री द्वारा किया गया। समारोह में सभा की 46 शाखाओं के पदाधिकारी, पूर्व सैन्य अधिकारी, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, मातृशक्ति और युवाओं की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।
